बिना किसी सूचना के खेतों में नहर का पानी छोड़ने से धान के कटे हुए खेत पानी में डूब गए।
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
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• धर्मपुरी-भिकरखेड़ा बॉर्डर पर किसानों को नुकसान हुआ। मुआवजे की मांग।
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भंडारा/तुमसर :- धर्मपुरी भिकरखेड़ा के किसानों को बिना किसी सूचना और बिना किसी मांग के बावनथड़ी डिस्ट्रीब्यूटरी (नहर) से अचानक खेतों में पानी छोड़ने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। खेतों में रखी कटी हुई धान की फसल अचानक खेतों में आए पानी में चली गई है और पूरी तरह भीगकर सड़ गई है। इस मामले में प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ किसानों में गहरा गुस्सा है और किसान श्रवण सिंगाड़े, सचिन सिंगाड़े व अन्य ने पंचनामा करके तुरंत मुआवजे की मांग की है।
सूचना न देते हुए नर का पानी छोडा गया किसानो का भारी नुकसान.
22 अक्टूबर की रात को बावनथड़ी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर से अचानक उनके खेतों में पानी छोड़ दिया गया। किसानों ने पानी की कोई मांग नहीं की थी, न ही प्रशासन ने पानी छोड़ने के बारे में पहले से कोई सूचना दी थी। अभी खेतों में धान की कटाई चल रही है, और कटे हुए धान खेतों में फैले हुए थे। अचानक पानी आने से खेतों में पानी भर गया और सारा कटा हुआ धान पानी में डूब गया। (टी.पी.)
मुहं का निवाला हाथ सें रोटि चली गई!..
अचानक हुई इस स्थिति के कारण, भीगा हुआ धान अब पूरी तरह से खराब हो गया है और सड़ने की कगार पर है। कटाई के दिनों में बावनथड़ी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मुहं निवाला हाथ सें रोटि थी वो चलि गई, और किसान आर्थिक तंगी में हैं।
खेतों का खुद जाकर मुआयना किया जाना चाहिए और नुकसान का आधिकारिक आकलन तुरंत किया जाना चाहिए।
बिना कोई पहले से सूचना दिए पानी छोड़ने और नुकसान पहुंचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। बयान में मांग की गई है कि किसानों को हुए भारी आर्थिक नुकसान का मुआवजा जल्द से जल्द मंजूर किया जाना चाहिए।
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