अब IAS, IPS, IFS को परीक्षा देने का दूसरा मौका नहीं मिलेगा UPSC के नियम बदले.
शनिवार, 7 फ़रवरी 2026
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न्यूज नेटवर्क
दिल्ली :- UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इसके मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा। जैसे किसी का 2026 में IPS में सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा। पहले से आईपीएस में चयनित या नियुक्त उम्मीदवार सीएसई 2026 से दोबारा आईपीएस नहीं पा सकेंगे। वहीं प्रीलिम्स के बाद लेकिन मेन्स से पहले अगर आईएएस या आईएफएस बनते हैं, तो मेन्स लिखने की अनुमति नहीं मिलेगी।
सिविल सर्विस एग्जाम-2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। मौका तभी मिलेगा जब उम्मीदवार को ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम एक्जेम्शन (एक बार की छूट) मिले।
छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि
सिविल सर्विस एग्जाम-2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। मौका तभी मिलेगा जब उम्मीदवार को ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम एक्जेम्शन (एक बार की छूट) मिले।
छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है, और न छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा अपने आप रद्द हो जाएगी।
सीएसई 2026 से चयनित उम्मीदवार सीएसई 2027 देना चाहते हैं, तो अनुमति जरूरी होगी। सीएसई 2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए इस्तीफा अनिवार्य होगा।
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