दिल्ली में गूंजा सिर्फ़ "ओबीसी-ओबीसी", जंतर-मंतर पर उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब.
रविवार, 28 जून 2026
Comment
• अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ के नेतृत्व में देशभर से हजारों कार्यकर्ता हुए शामिल.
"साप्ताहिक जनता की आवाज"
प्रतिनिधी
नई दिल्ली, प्रतिनिधि :- 28 जून 2026 (रविवार)
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर 27 जून को अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ के नेतृत्व में ओबीसी समाज का विशाल राष्ट्रीय आंदोलन आयोजित किया गया। आंदोलन में देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में समाजबंधु, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पूरे जंतर-मंतर परिसर में दिनभर "ओबीसी-ओबीसी" के नारों की गूंज सुनाई देती रही और सामाजिक न्याय की मांग पूरे जोर-शोर से उठाई गई।
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. खुशाल बोपचे ने कहा कि ओबीसी समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार, प्रतिनिधित्व और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से जातिगत जनगणना शीघ्र कराने, सामाजिक न्याय को प्रभावी रूप से लागू करने तथा ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु ठोस कदम उठाने की मांग की।
इस ऐतिहासिक आंदोलन में पूर्व मंत्री मा. छबीलाल रात्रे, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. खुशाल बोपचे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा. गणेश भाऊ पारधी, संयुक्त मोर्चा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. गोपाल ऋषिकेश भारती, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मा. हेमंत यादव, तेली समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. एड. रमेश पिसे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा. अनिल नागबोध सहित अनेक राष्ट्रीय, प्रादेशिक एवं जिला पदाधिकारी मंच पर उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने अपने संबोधन में ओबीसी समाज की एकता, संगठन और अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान हजारों कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से प्रदर्शन करते हुए जातिगत जनगणना, शिक्षा एवं रोजगार में समान भागीदारी तथा सामाजिक न्याय के समर्थन में जोरदार नारे लगाए। आंदोलन में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय भागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर का ऐतिहासिक आयोजन बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में आंदोलन को सफल बनाने वाले सभी सामाजिक संगठनों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति, युवा साथियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया। नेताओं ने कहा कि ओबीसी समाज के अधिकारों की यह लोकतांत्रिक लड़ाई आगे भी पूरे देश में और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगी।
0 Response to "दिल्ली में गूंजा सिर्फ़ "ओबीसी-ओबीसी", जंतर-मंतर पर उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब."
एक टिप्पणी भेजें