भंडारा में एल्गार अस्मितेचा एंव समविचारी विविध संघटना अंतर्गत लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हेतू, जिल्हाधिकारी द्वारा महामहीम राष्ट्रपती को निवेदन.
सोमवार, 20 जुलाई 2026
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• लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, श्री सोनम वांगचुक की जनहितकारी मांगों पर तत्काल निर्णय दिया जाऐ.
• शिक्षा व्यवस्था में नैतिक जवाबदेही सुनिश्चित किया जाऐ|
साप्ताहीक जनता की आवाज"
न्युज नेटवर्क
भंडारा :- दि.20 जुलै 2026 आज महाराष्ट्र के भंडारा जिले में विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों एवं लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले नागरिकों नें शांतिपूर्ण जनमोर्चे के माध्यम से जिल्हा अधिकारी कार्यालय भंडारा उपजिल्हाधिकारी को समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कीया गया।
भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से रखने का अधिकार देता है। जब कोई नागरिक जनहित, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के भविष्य तथा देश के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अहिंसक आंदोलन करता है, तब उसकी आवाज़ को संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए। लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति संवाद, सहमति और संवैधानिक मर्यादाओं में निहित होती है, दमन में नहीं। देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री सोनम वांगचुक ने लद्दाख के पर्यावरण, स्थानीय जनता के संवैधानिक अधिकारों, युवाओं के भविष्य तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन किया।
उनकी मांगें किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ी हुई हैं। उनकी प्रमुख मांगों में युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था करना, देश की जनता की लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करना तथा शिक्षा व्यवस्था कार्रवाई करना शामिल और परीक्षा पत्र लीक जैसी घटनाओं पर कठोर करणा सामिल है |
हाल के वर्षों में देश में परीक्षा पत्र लीक की अनेक घटनाओं ने करोड़ों विद्यार्थियों और उनके परिवारों के भविष्य को गहरी चिंता में डाल दिया है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था में जनता का विश्वास पुनः स्थापित करना समय की आवश्यकता है। इसी नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर हम केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की मांग करते हैं। अतः हम आपके माध्यम से भारत सरकार से निम्नलिखित मांगें करते हैं |
विविध संघठनो द्वारा की गयी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं
१) केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
२) नीट (NEET) एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक तथा परीक्षा अनियमितताओं की निगरानी में सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
३) परीक्षा अनियमितताओं एवं पेपर लीक से मानसिक आघात के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के प्रत्येक परिवार को १ करोड़ (एक करोड़ रुपये) की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
४) प्रतियोगी परीक्षाओं की संपूर्ण व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी कानून बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी विद्यार्थी का भविष्य भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़े।
५) परीक्षा घोटालों से प्रभावित विद्यार्थियों को न्याय दिलाने हेतु समयबद्ध कार्रवाई की जाए तथा दोषी अधिकारियों एवं परीक्षा माफिया की संपत्ति जब्त कर कठोर दंड दिया जाए।
६) श्री सोनम वांगचुक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल सभी नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए तथा उनके साथ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
७) भारत सरकार विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आंदोलन के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल संवाद स्थापित कर उनकी
न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले।
जिल्हाधिकारी कार्यालय मे विज्ञापन प्रस्तुत करते हुए विविध संघठनों संयुक्त प्रतिनिधीमंडल एवं सामाजिक,कार्यकर्ता परमानंद मेश्राम,डॉ. देवानंद नंदागवळी, विनोद बागडे ,मारेश्वर गजभिये,कल्पना ढोके,मुस्ताक पठाण,बि.जी.गवरे,जेठ नेते अचल मेश्राम,नाशिक चवरे ,राहुल शामकुवर,अमित शामकुवर,मंजू गजभिये,देवा वैरागडे,श्रीकांत नागदेवे,सचिन गेडाम,दिलीप वानखेडे,श्रीराम गणविर,राहुल गजभिये,अंकित चव्हाण,नवनाथ आकरे,उमाकांत रामटेके,मोरेश्वर गेडाम,अमित वैदय,नितेश डोंगरे, युगांतर बारसागडे,राधेश्याम कावळे अंकिता घोडीचोर,श्रीकृष्ण देशभ्रतार,धनपाल गडपायले,डॉ. सुनील सुखदेवे,गूरु लिचडे,वंसतिका रंगारी, इंदिरा रंगारी, जयश्री घोडीचोर, अनमोल गजभिये,अंकिता घोडीचोर,विन्तद बागडे, महेश रामटेके, पंकज कांबळे,आगरीष बोरकर,अजय मेश्राम राहुल गजभिये,अजित गजभिये,परमेशा एन.वलने,उमाकांत रामटेके, छगनलाल वाहने,आषीश बोरकर आदि कार्यकर्ता के साथ भारी जनसंख्या में,एल्गार अस्मिता संघटन.के संस्थापक अध्यक्ष भाई परमानंद जी मेश्राम ने मोर्चा सभांला | ज्येष्ठ नेते अचल मेश्राम,डॉ. देवानंद गवळी,नासिक चौरे युगांतर बारसागडे आदि तमाम कार्यकर्त्याने जिल्हाधिकारी कार्यालय के आगे,डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरजी को मानवंदना देते हुए समापन किया गया|
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