तुकाराम मुंढे के निशाने पर अब अस्पताल और मेडिकल आइटम्स, बोले- '₹11 की चीज ₹325 में बिक रही'.
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
Comment
साप्ताहिक"जनता की आवाज"
न्यूज नेटवर्क.
मुंबई :- महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के चीफ तुकाराम मुंढे ने मेडिकल सामान के प्राइस पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि मरीज को मेडिकल सामान की असल कीमत पता ही नहीं होती. वह नहीं जानता कि जो IV इनघ्यूजन सेट उसे लगा है, उसकी कीमत बिल में बताए गए प्राइस से काफी कम है.
तुकाराम मुंढे ने कहा कि 6.75 रुपये में खरीदी गई सिरिंज को हॉस्पिटल में 57.20 रुपये का बताया जा सकता है. और 29.41 रुपये में खरीदे गए कैथेटर (ट्यूब) का प्राइस 310 रुपये तक हो सकता है.
मुंढे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा!..
66 "अस्पताल के बिल का सबसे महंगा हिस्सा शायद अस्पताल तक कभी पहुंचता ही नहीं है.
इलाज के लिए भर्ती मरीज के पास यह जानने का कोई तरीका नहीं होता कि मेडिकल सामान की कीमत उसकी असली लागत है. या फिर वार्ड तक पहुंचने से पहले तय किया गया मार्कअप. जानकारी का ये अंतर असल में एक पब्लिक हेल्थ का मुद्दा है."
तुकाराम मुंढे
FDA कमिश्नर, महाराष्ट्र
मेडिकल सामान में पाया गया अंतर...
महाराष्ट्र में अस्पताल के सामान के एक सर्वे में कई सामान की असल लागत और हॉस्पिटल बिल में काफी अंतर दिखा. पोस्ट में बताया गया...
IV इन्यूजन सेट, (नसों के जरिए दवा देने वाला सेट)
• ट्रेड प्राइस ₹11.05, MRP ₹325 सिरिंज
• ट्रेड प्राइस ₹6.75, • कैथेटर (ट्यूब) ट्रेड प्राइस 29.41
2841% मार्कअप
• MRP ₹57.20,
• MRP ₹310, 66
"ये ऐसी चीजें नहीं हैं, जो अपनी मर्जी से खरीदी जाएं. इलाज के दौरान मरीज न तो कीमतों की तुलना कर सकते हैं, न ही कोई दूसरा ऑप्शन ढूंढ सकते हैं. ना ही बॉक्स पर छपी कीमत पर सवाल उठा सकते हैं. अक्सर MRP खुद मैन्युफैक्चरर और डिस्ट्रीब्यूटर तय करते हैं. यह ट्रेड प्राइस से बहुत ज्यादा होती नतीजा एक ऐसा सिस्टम है जिसमें कीमत चुकाने वाले के पास ही उसे परखने के लिए सबसे कम जानकारी होती है."
है. - तुकाराम मुंढे FDA कमिशर, महाराष्ट्र..
0 Response to "तुकाराम मुंढे के निशाने पर अब अस्पताल और मेडिकल आइटम्स, बोले- '₹11 की चीज ₹325 में बिक रही'."
एक टिप्पणी भेजें