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मंत्रियों को हटाने वाले बिल से प्रधानमंत्री को अलग रखने की सिफारिश की.

मंत्रियों को हटाने वाले बिल से प्रधानमंत्री को अलग रखने की सिफारिश की.

• लेकीन  PM मोदी ने... किरेन रिजिजू का खुलासा..
•  जिससे सभी मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पर समान कानून लागू होगा. 
• विपक्ष ने इस बिल का विरोध किया है.

"साप्ताहिक जनता की आवाज" 
 न्यूज नेटवर्क 
२४अगस्त २०२५

नई दिल्ली / नागपूर :-  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस नए विधेयक के प्रावधानों से खुद को छूट देने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसके तहत गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहने वाले प्रधानमंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने का प्रावधान है. समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कैबिनेट विचार-विमर्श के दौरान, यह सुझाव आया था कि प्रधानमंत्री को इस विधेयक से बाहर रखा जाना चाहिए. हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने इस विचार को खारिज कर दिया.

मंत्रियों को हटाने वाले बिल से प्रधानमंत्री को अलग रखने की सिफारिश हुई पर...
पीएम मोदी ने कैबिनेट की सिफारिश को मानने से इनकार कर दिया था. फाइल फोटो

रिजिजू ने कहा, “पीएम मोदी ने कैबिनेट को बताया कि प्रधानमंत्री को इस विधेयक से बाहर रखने की सिफारिश की गई है, लेकिन वह इससे सहमत नहीं हुए. पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री को छूट देने से इनकार कर दिया. प्रधानमंत्री भी एक नागरिक हैं, और उन्हें विशेष सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक भाजपा सहित सभी दलों के नेताओं पर समान रूप से लागू होगा.

उन्होंने आगे कहा, “ज़्यादातर मुख्यमंत्री हमारी पार्टी के हैं. अगर हमारे लोग ग़लतियां करते हैं, तो उन्हें अपने पद छोड़ने पड़ेंगे. नैतिकता का भी कोई मतलब होना चाहिए. अगर विपक्ष नैतिकता को केंद्र में रखता, तो वे इस विधेयक का स्वागत करते.” रिजिजू ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि संसद का मानसून सत्र “देश के नज़रिए से सफल और विपक्ष के नज़रिए से विफल” रहा.


उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोई भी सरकार ख़ुद को बचाने के लिए विधेयक लाती है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने सिफ़ारिश के ख़िलाफ़ जाकर प्रधानमंत्री को इस श्रेणी में डाल दिया कि अगर उन्होंने कोई भ्रष्टाचार भी किया, तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा और अपना पद छोड़ना पड़ेगा.

उन्होंने आगे कहा, “कोई भी सरकार ख़ुद को बचाने के लिए विधेयक लाती है… प्रधानमंत्री मोदी ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सिफ़ारिश के ख़िलाफ़ जाकर प्रधानमंत्री को इस श्रेणी में डाल दिया कि अगर उन्होंने कोई भ्रष्टाचार भी किया, तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा और अपना पद छोड़ना पड़ेगा. कोई भी पद, चाहे मुख्यमंत्री हो, प्रधानमंत्री हो या केंद्रीय मंत्री, क़ानून से ऊपर नहीं हो सकता. विपक्ष को क्या आपत्ति है? देश इस क्रांतिकारी विधेयक का स्वागत कर रहा है…”

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