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कोरबा के तक्षशिला बौध्द विहार में त्यागमूर्ति रमाई जयंती संपन्न.

कोरबा के तक्षशिला बौध्द विहार में त्यागमूर्ति रमाई जयंती संपन्न.


• कोरबा के तक्षशिला बौद्ध विहार में संवैधानिक भारत राष्ट्र निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की जीवन संगिनी त्यागमूर्ति रमाई के आदर्शों पर अभिवादन जयंती सभा संपन्न.
संजीव भांबोरे 
"साप्ताहिक जनता की आवाज"
 
कोरबा :- शहर के मुड़ापार में स्थित तक्षशिला बौद्ध विहार के हॉल में दिनांक 07/02/2026 को संवैधानिक भारत राष्ट्र निर्माता डॉ बाबा साहब अंबेडकर को भारत रत्न एवं विश्व रत्न बनाने में निस्वार्थ भाव एवं पूर्ण समर्पण के साथ अपनी और अपने चार मासूम बच्चों की कुरबानियां देने वाली जीवन संगिनी त्यागमूर्ति रमाई की पावन जयंती शुभकामना अभिवादन सभा का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती ,अध्यक्षता बौद्ध समाज की अध्यक्ष लता बौद्ध,विशेष उपस्थित अतिथियों में पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश बांबोडे,कार्यक्रम का संचालन सपना खोबरागड़े और वरिष्ठ पदाधिकारियों में गेवरा से सुशील दहाट ,एन टी पी सी से गजभिए जी,पूर्व अध्यक्ष आर टी खोबरागड़े,वनमाला बागड़े, तायडे आई,नीलू बौद्धजी ,ईश्वर गजभिए,कंचन नायक,अर्चना रायपुरे,शिवाजी लिंगायत,ज्योति इंगले, जयमाला भीमटे,मयूरी बोरकर,दीपक गेडाम जी,आशा डोंगरे,सुनीता आमटे काशीनगर,वर्षा सहारे जी,ऊषा बम्बेश्वर ,मंजू राउत, राखी कांबले,सीमा मानकर,किरण चौहान,सुषमा गजभिए उपस्थित थे।मंच का संचालन सपना खोबरागड़े ने किया।कार्यक्रम में बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम में माता रमाई के जीवन चरित्र पर आकर्षक नृत्य,गीत एवं भाषण दिए।जिन बच्चों का जन्म दिन इसी तारीख को था सबका जन्मदिन केक काटकर मनाया गया।साथ में सबके लिए आयोजन समिति द्वारा भोजन की व्यवस्था की गई।
       अभिवादन सभा को संबोधित करते हुए प्रमुख व्यक्ता गोपाल ऋषिकर भारती ने कहा कि वर्तमान समय भारत ही नहीं तो संपूर्ण विश्व के लिए बेहद खतरनाक स्थिति में आ चुका है।सत्ता पर काबिज प्रमुख हुक्मरानों में धन संग्रह और अय्याशी की हवस इस तरह बढ़ती जा रही है कि मानवता को शर्मसार होना पड़ रहा है।भारत देश में गरीबी ,बेरोजगारी,मंहगाई और,महिलाओं पर होने वाले अत्याचार बलात्कारों के पिछे केवल धर्म की आड़ में चल रहे अधर्म का आतंकी राज के काबिज होने से है।धर्म का चोला पहनकर ये दुराचारी और पूंजीवादी तत्व समाज को अच्छी जिंदगी दिलाने का सपना दिखाकर बुरी मौत की ओर धकेल रहे हैं ।तथा इसी मौत को स्वर्ग भी बता रहे हैं।ऐसे विकराल संकट का समाधान भगवान बुद्ध,सम्राट अशोक,महान साध्वी संघमित्रा,,माता सावित्री फुले,विश्व रत्न बाबा साहब अंबेडकर एवं उनकी जीवन संगिनी त्यागमूर्ति रमाई के साथ ही देश दुनिया के महान संतों,महापुरुषों ,वैज्ञानिकों के महान आदर्शों पर आधारित भारत के संविधान के लक्ष्यों की स्थापना से ही संभव हो सकता है ।आज त्यागमूर्ति रमाई की इस पावन जयंती की मै सभी भारतवासी मूलनिवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं साथ ही भारत की पारिवारिक महिलाओं को संवैधानिक भारत राष्ट्र निर्माता डॉ बाबा साहब अंबेडकर की जीवन संगिनी त्यागमूर्ति रमाई की कुर्बानियों के आदर्शों से सिख लेने की विनम्र अपील करता हूं। बौद्ध समाज की अध्यक्ष लता बौद्ध ने कहा कि हम बौद्ध समाज ही नहीं तो सभी समाज के महान विभूतियों के प्रति आस्था और सम्मान करते हुए आदर्श महिलाओं के जीवन चरित्र को महिलाओं में स्थापित करते ही रहते हैं। इसी कड़ी में जिस महान त्यागमूर्ति माता रमाई के जीवन की कुर्बानियों ने महान पुरुष बाबा साहब अंबेडकर का निर्माण किया इस प्रेरणादाई आदर्श को सभी ग्रहणियों और महिलाओं में स्थापित होना भारत राष्ट्र निर्माण के लिए जरूरी हो चुका है।पूर्व अध्यक्ष गणेश बांबोडे ने बौद्ध समाज के समग्र विकास और विस्तार के लिए धम्म का अधिक से अधिक प्रचार, प्रसार और रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी सदस्यों को ताकत के साथ एकजुट होने का आव्हान किया।

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